तेलंगाना

TDP सांसद पर 112 एकड़ सरकारी जमीन कब्जे के प्रयास का आरोप

Kavita2
28 Jun 2026 2:35 PM IST
TDP सांसद पर 112 एकड़ सरकारी जमीन कब्जे के प्रयास का आरोप
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Telangana तेलंगाना: विजयवाड़ा के पूर्व सांसद केसिनेनी नानी ने एक गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए टीडीपी सांसद केसिनेनी शिवनाथ पर सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है। इस शिकायत के बाद मामला राजनीतिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है और राज्य सरकार भी जांच के दायरे में आ सकती है।

पूर्व सांसद नानी ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि टीडीपी सांसद अपने संवैधानिक पद और राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए हैदराबाद के बाहरी इलाके शमशीगुडा में स्थित भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

आरोपों के अनुसार, यह मामला प्रगति नगर के पास शमशीगुडा क्षेत्र के सर्वे नंबर 57 से जुड़ा है, जहां कुल 112.72 एकड़ जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। नानी ने दावा किया कि इस भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही है।

अपने पत्र में पूर्व सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि मेडचल–मलकाजगिरी कलेक्टर द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए एक काउंटर एफिडेविट में इस बात की पुष्टि की गई है कि सर्वे नंबर 57 की कुल 274 एकड़ भूमि सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है।

इसके बावजूद, आरोप है कि टीडीपी सांसद केसिनेनी शिवनाथ और उनके पुत्र, जो एक्सेला प्रॉपर्टीज के मैनेजिंग पार्टनर बताए जाते हैं, केसिनेनी वेंकट चौधरी, ने इस जमीन के एक हिस्से पर गैर-कानूनी तरीके से अधिकार जमाने की कोशिश की है।

नानी ने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रयास योजनाबद्ध तरीके से किया गया है और इसमें प्रभावशाली राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह सरकारी संपत्तियों के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का उदाहरण बन सकता है।

फिलहाल इस मामले पर राज्य सरकार या संबंधित प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया है और इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला न केवल प्रशासनिक स्तर पर गंभीर कार्रवाई का कारण बन सकता है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है।

कुल मिलाकर, सरकारी जमीन से जुड़े इस विवाद ने तेलंगाना की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और अब सभी की नजरें सरकार की संभावित जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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